ब्लैक ब्यूटी – अन्ना सिवेल
ब्लैक ब्यूटी – अन्ना सिवेल
‘‘अपने नए निवास-स्थान में मैं बहुत संतुष्ट था। मुझे वहाँ सब कुछ मिल रहा था, सिवाय एक चीज़ के। मुझसे जुड़े सभी लोग अच्छे और स्नेही थे। यदि मैं आज़ाद होता तो हवा और रोशनी भरपूर मिलती; अच्छा भोजन और अच्छे मित्र भी थे। फिर मुझे और क्या चाहिए था? केवल एक ही चीज़: स्वतंत्रता। पिछले साढ़े तीन वर्षों तक मैं पूरी तरह स्वतंत्र था। जो चाहा वह कर सकता था, अपनी इच्छानुसार जी सकता था। लेकिन आज अब ऐसा संभव नहीं। हर सप्ताह, हर महीने, हर आने वाले वर्ष मुझे इस अस्तबल में आज्ञाकारी बने रहना है। ज़रूरत पड़ने पर सवारी पर जाना है, और तब भी हर कदम सावधानी से रखना है। शरीर पर पट्टे, आँखों पर ढकनेवाला पर्दा, और मुँह में लोहे की लगाम। मुझे कोई शिकायत नहीं, क्योंकि यह सब घोड़ों के जीवन का हिस्सा है। फिर भी, मेरे जैसे स्वस्थ, युवा और उत्साही घोड़े को कभी-कभी खुली हरी घास पर, ताज़ी हवा और उजाले में खुलकर जीने का अवसर मिलना चाहिए, क्या ऐसा नहीं होना चाहिए?’’
ब्लैक ब्यूटी के मनोभावों के माध्यम से ही यह उपन्यास आगे बढ़ता है। सुंदर खेत और घास के मैदान में अपनी माँ के साथ रहने वाला एक सुंदर काला घोड़े का बच्चा है ब्लैक ब्यूटी। शीघ्र ही वह बड़ा होकर बर्टविक पार्क के सुखी घर में एक गाड़ी खींचने वाला घोड़ा बन जाता है। परंतु कुछ भी सदा नहीं रहता। अंततः ब्लैक ब्यूटी दुर्भाग्यवश अन्य मालिकों के हाथों में पहुँचता है।
यह एक घोड़े के दृष्टिकोण से कही गई उसकी जीवनकथा है। उसने अपने शुरुआती दिन एक अच्छे मालिक के साथ बिताए, लेकिन जैसा कि हम सब जानते हैं, जीवन सदा गुलाबों की सेज नहीं होता। कुछ मालिकों के कठोर और निर्दयी व्यवहार के कारण उसने बहुत दुख सहा, लेकिन अंत में वह फिर से अच्छे हाथों में पहुँच गया। यह ईश्वर की अद्भुत रचनाओं और उनके दुखों की लंबी यात्रा है।
यह पुस्तक केवल एक घोड़े की कहानी नहीं कहती, बल्कि पूरे मानव समाज को भी आईना दिखाती है। हर दिन हम दया और करुणा के पाठ को नज़रअंदाज़ करते जा रहे हैं। ज़रा सोचिए, यदि मनुष्य के अलावा कोई अन्य जीव न हो तो हमारा अस्तित्व कैसा होगा? हम इन प्राणियों की पीड़ा देखते हैं, पर कुछ नहीं करते। जो संसार कभी जीवन के लिए अद्भुत स्थान था, आज वह दुख और अंधकार की गहरी खाई में बदल गया है।
घोड़े की दृष्टि से लिखी गई यह पहली संपूर्ण पुस्तक है, जो मनुष्यों द्वारा पशुओं पर किए जाने वाले अत्याचारों पर प्रकाश डालती है। यह उपन्यास वसंत ऋतु की संध्या की सुंदरता से लेकर विक्टोरियन लंदन की कठिन परिश्रम वाली दुनिया तक पाठकों को ले जाता है। इसमें सरल नैतिक शिक्षाएँ और भावनात्मक लेखन भरा हुआ है।
ब्लैक ब्यूटी कोई आधुनिक किताब नहीं है, आज के पाठकों को इसकी नैतिकता कुछ पुरानी लगे। फिर भी यह विक्टोरियन इंग्लैंड के जीवन का आकर्षक और विस्तृत चित्र प्रस्तुत करती है और यह याद दिलाती है कि पशुओं के भी भावनाएँ होती हैं। घोड़ों से प्रेम करने वाले बच्चे ब्लैक ब्यूटी के जीवन की यात्रा को पसंद करेंगे और घोड़े की आँखों से देखी गई एक दुनिया की कल्पना को संजोएंगे।
അഭിപ്രായങ്ങള്
ഒരു അഭിപ്രായം പോസ്റ്റ് ചെയ്യൂ